मेरठ खादी महोत्त्सव: चाक पर सजी मिट्टी की कला, मंच पर थिरके हुनर और संस्कृति का संगम

Oct 19, 2026 - 18:30
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मेरठ खादी महोत्त्सव: चाक पर सजी मिट्टी की कला, मंच पर थिरके हुनर और संस्कृति का संगम

मेरठ। कहीं चाक पर घूमती मिट्टी ने शिल्पकारों के हुनर की कहानी कही तो कहीं संगीत की लय पर थिरकते कदमों ने सांस्कृतिक रंग बिखेरे। मंडलीय खादी महोत्सव के तीसरे दिन माटीकला पुरस्कार समारोह, चाक कार्यशाला और नृत्य प्रतियोगिता ने आयोजन को कला, संस्कृति और रचनात्मकता का साझा मंच बना दिया। इस दौरान उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की ओर से आयोजित मंडल स्तरीय प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।
स्वरोजगार को बढ़ावा देने का भी संदेश दिया
मंडलीय खादी महोत्सव में पारंपरिक शिल्प को सम्मान देने के साथ महोत्सव ने स्वदेशी उत्पादों, स्थानीय उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का भी संदेश दिया गया। महोत्सव में माटीकला के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कारीगरों को सम्मानित कर उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया गया। मंडलीय प्रतियोगिता के विजेताओं में मेरठ के नीलू कुमार ने पहला स्थान हासिल किया।


विजेताओं को किया सम्मानित
गाजियाबाद की सीमा सागर दूसरे और हापुड़ के रिंकू तीसरे स्थान पर रहे। विजेताओं को क्रमशः 15 हजार, 12 हजार और 10 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। विजेताओं को सम्मानित करते हुए परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी, मेरठ मंडल मान्या चतुर्वेदी ने कहा कि इस महोत्सव के आयोजन का मुख्य उद्देश्य मिट्टी से उपयोगी और कलात्मक उत्पाद बनाने वाले शिल्पकारों को पहचान दिलाने का उद्देश्य पारंपरिक कला को आगे बढ़ाना और इसे आजीविका के अवसरों से जोड़ना है।
अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया
चाक कार्यशाला में मेरठ के स्थानीय नागरिकों ने मिट्टी को आकार देकर उत्पाद बनाने की प्रक्रिया को करीब से जाना। कलाकोष के तत्वावधान में आयोजित नृत्य प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य पूनम शर्मा रहीं। दोनों गतिविधियों ने महोत्सव में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के साथ पारंपरिक कला और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच दिया।


स्वदेशी उत्पादों के प्रति लोगों को जागरूक किया
मुख्य अतिथि ने कहा कि मंडलीय खादी महोत्सव का उद्देश्य खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना, स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करना तथा स्वदेशी उत्पादों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। योगी सरकार की स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक उद्यमों को बढ़ावा देने की दिशा के अनुरूप ऐसे आयोजन कारीगरों को पहचान दिलाने और उनके हुनर को रोजगार से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। माटीकला को सम्मान, चाक पर हुनर का प्रदर्शन और मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने महोत्सव के तीसरे दिन को खास बना दिया। इस दौरान आलोक सिसौदिया और उपायुक्त उद्योग अमरेश पांडेय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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