देहदान व नेत्रदान से अमर हुए संजय अरोड़ा : समाज को दे गए प्रेरणा का संदेश
देहरादून – नेहरू कॉलोनी निवासी 62 वर्षीय संजय अरोड़ा जी का आज शाम अपने निवास पर हृदय गति रुकने से निधन हो गया। शोक की इस घड़ी में भी उन्होंने समाज के लिए एक महान उदाहरण प्रस्तुत किया। पिछले माह नवंबर में ही उन्होंने नेत्रदान एवं देहदान का संकल्प लिया था, जिसे आज उनके निधन उपरांत पूर्ण किया गया।
स्व. संजय अरोड़ा जी का नेत्रदान श्री महंत इंद्रेश अस्पताल के नेत्र विभाग द्वारा विधिवत रूप से संपन्न कराया गया, जिससे दृष्टिहीनों के जीवन में रोशनी आने की उम्मीद जगी है। वहीं, उनका देहदान दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून के एनाटॉमी विभाग को समर्पित किया गया, जिसे डॉ. राजेश मौर्य की देखरेख में सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
इस पुनीत कार्य को संपन्न कराने में स्थानीय पार्षद विवेक कोठारी एवं समिति सदस्य राकेश राणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी तत्परता और सहयोग से यह संकल्प समय पर और सम्मानपूर्वक पूर्ण हो सका।
गौरतलब है कि संबंधित समिति द्वारा अब तक दून मेडिकल कॉलेज में 21 देहदान तथा 47 नेत्र (कॉर्निया) दान कराए जा चुके हैं, जो समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
The post देहदान व नेत्रदान से अमर हुए संजय अरोड़ा : समाज को दे गए प्रेरणा का संदेश appeared first on .
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
Related Posts
केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर पीआईबी देहरा...
Asarkari Reporter Jun 16, 2026 162 498.3k
हरिद्वार भूमि घोटाले में बड़ा प्रहार, 10 पर मुकदमा, पूर...
Asarkari Reporter Jun 20, 2026 162 360.2k
मुख्यमंत्री धामी ने किया श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एव...
Asarkari Reporter Jun 23, 2026 167 217.9k
-
Ritu IyerThe clarity in reporting is commendable.6 months agoReplyLike (171) -
Bhavana GuptaHow can we ensure our voices are heard regarding this?6 months agoReplyLike (171) -
Aaradhya BhatWord-of-mouth communication can be powerful here.6 months agoReplyLike (164) -
Shweta SaxenaIt's time to check if any personal documents or procedures need updating.6 months agoReplyLike (116) -
Shweta SaxenaJaldi aur updates laayiye.6 months agoReplyLike (171) -
Yashaswini BasuA forward-looking approach is necessary.6 months agoReplyLike (120)