नर्सिंग अधिकारियों के 690 पदों पर सीधी भर्ती के विरोध में नर्सिंग सेवा संघ, विज्ञापन निरस्त करने की मांग
रैबार डेस्क: नर्सिंग सेवा संघ उत्तराखंड ने स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग अधिकारियों की सीधी भर्ती का विरोध किया है। संघ ने लिखित परीक्षा के बजाए वर्षवार नियुक्ति की मांग की है।
बता दें कि चिकित्सा सेवा चयन आयोग के जरिए 17 नवंबर को नर्सिंग अधिकारियों के 587 पदों पर भर्ती निकाली गई थी, जबकि 18 नवंबर को बैकलॉग से नर्सिंग अधिकारियों के 103 पदों पर सीधी भर्ती निकाली थी। यानि इनके चयन के लिए लिखित परीक्षा होनी है।
नर्सिंग सेवा संघ का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में पिछली सीधी भर्ती 2020 में आई थी जिसे पूरा होने में 5 साल से ज्यादा कासमय लग गया। इसके अलावा अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों की भी इसमें चयन हुआ है जिससे राज्य से बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। इस प्रक्रिया में कई योग्य अभ्यर्थी जिनका सीधी भर्ती से नंबर नहीं आयावो ओवर एज हो गए।
संघ ने मांग की है कि उक्त दोनों सेवाओं में 690 पदों के लिए जो विज्ञापन निकला है उसे तुरंत निरस्त किया जाए और इन पदों पर वर्षवार नियुक्ति दी जाए। इसके अलावा नए पद सृजित करते हुए कम से कम 1500 पदों पर वर्षवार नियुक्ति की जाए जिससे अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थी लाभ ले सकें। संघ ने ये भी मांग की है कि वर्षवार नियुक्तियों के विज्ञापन में आयुसीमा में दो वर्ष की छूट दी जाए जिससे ओवरएज हो रहे अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकें।
The post नर्सिंग अधिकारियों के 690 पदों पर सीधी भर्ती के विरोध में नर्सिंग सेवा संघ, विज्ञापन निरस्त करने की मांग appeared first on Uttarakhand Raibar.
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
Related Posts
बंड मेले में सीएम धामी की घोषणा, लॉर्ड कर्जन रोड अब होग...
Asarkari Reporter Dec 26, 2025 163 501.8k
सीएम धामी ने नैनीताल को दी 121.52 करोड़ की योजनाओं की स...
Asarkari Reporter Dec 26, 2025 127 501.8k
मनरेगा मामले पर BJP विधायक ने DM को दी शिकायत, जॉब कार्...
Asarkari Reporter Dec 22, 2025 106 501.8k
CM धामी ने अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं से कि...
Asarkari Reporter Dec 20, 2025 141 501.8k
-
Shalini DasAane wale samay mein iska kya scope hai?1 month agoReplyLike (128) -
Aisha JoshiThis update requires careful reading and understanding.1 month agoReplyLike (182) -
Kavya MalikWe should discuss this within our families and communities.1 month agoReplyLike (155) -
Deepika ChopraBahut hi logical point lagta hai.1 month agoReplyLike (162) -
Yashaswini BasuLog isse kyun ignore karte hain?1 month agoReplyLike (104) -
Ankita RoyMujhe samajh nahi aa raha, aap explain karenge?1 month agoReplyLike (159)