डीजीपी दीपम सेठ ने की अभिसूचना एवं सुरक्षा विभाग की समीक्षा, आतंकवाद निरोधी नीति ‘प्रहार’ को धरातल पर उतारने पर जोर, सीमावर्ती जिलों में इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन मजबूत करने के निर्देश

Sep 16, 2026 - 00:30
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डीजीपी दीपम सेठ ने की अभिसूचना एवं सुरक्षा विभाग की समीक्षा, आतंकवाद निरोधी नीति ‘प्रहार’ को धरातल पर उतारने पर जोर, सीमावर्ती जिलों में इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन मजबूत करने के निर्देश

देहरादून। आगामी विधानसभा चुनाव, चारधाम यात्रा, कुंभ मेला, प्रमुख धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के मद्देनजर उत्तराखंड में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। मंगलवार को अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने अभिसूचना एवं सुरक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में आतंकवाद नियंत्रण, सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, वीवीआईपी सुरक्षा, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और आगामी महत्वपूर्ण आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। डीजीपी ने राष्ट्रीय स्तर पर संचालित भारत की पहली आतंकवाद निरोधी नीति ‘प्रहार’ को प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू करने पर विशेष जोर दिया।

पाकिस्तानी गैंगस्टर के नेटवर्क पर विशेष निगरानी

बैठक में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टर बनाने संबंधी इनपुट्स और उसके साथियों की देशभर में हुई गिरफ्तारियों के संदर्भ में जनपदों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने कहा कि ऐसे मामलों में अभिसूचना तंत्र को लगातार सक्रिय रखते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी की जाए। उन्होंने देश के बड़े राज्यों की कार्यप्रणाली और सफल ऑपरेशनों के मॉडल का अध्ययन करने तथा उनके आधार पर राज्य एटीएस के ऑपरेशनों को उच्च पेशेवर स्तर पर अपग्रेड करने के निर्देश भी दिए।

चीन-नेपाल सीमा पर इंटर-एजेंसी समन्वय होगा मजबूत

अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे जिलों में सुरक्षा को लेकर भी बैठक में विशेष मंथन हुआ। डीजीपी ने चीन और नेपाल सीमा से लगे जनपदों में संदिग्ध गतिविधियों, सीमा पार से घुसपैठ और राष्ट्रविरोधी तत्वों की आवाजाही पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए उच्च स्तरीय ‘इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन बैठक’ आयोजित करने के निर्देश दिए। इसमें आईटीबीपी, एसएसबी, सेना, आईबी, राज्य पुलिस और एटीएस के शीर्ष अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा तंत्र को और प्रभावी बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री की सुरक्षा होगी और सुदृढ़

आगामी विधानसभा चुनाव और बढ़ती सुरक्षा संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही आगामी विधानसभा चुनावों तथा विशिष्ट महानुभावों (वीवीआईपी) के प्रस्तावित कार्यक्रमों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया।

चारधाम यात्रा और कुंभ की सुरक्षा पर फोकस

राज्य में लगातार बढ़ रही पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या के मद्देनजर वर्तमान में गतिमान चारधाम यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए गए। आगामी कुंभ मेला तथा अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों के निर्बाध और सकुशल संचालन के लिए ठोस सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया गया। डीजीपी ने महत्वपूर्ण आयोजनों और व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक जनशक्ति, तकनीकी उपकरणों एवं अन्य संसाधनों का प्रबंधन समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए।

त्योहारों पर संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी सतर्कता

आगामी राज्य स्थापना दिवस, नवरात्र, दशहरा और दीपावली सहित महत्वपूर्ण पर्वों के दृष्टिगत व्याप्त संवेदनशीलता को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति एवं रणनीति के तहत विभिन्न रूपों में सामने आ रही आतंकवाद की चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष प्रयास करने पर भी बल दिया गया।

सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी

आगामी विधानसभा चुनाव, कुंभ मेले और धार्मिक आयोजनों के मद्देनजर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर 24 घंटे सघन निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उद्देश्य भड़काऊ सामग्री और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों को समय रहते चिह्नित कर कार्रवाई करना है। डीजीपी ने संवेदनशील एवं सांप्रदायिक मुद्दों से जुड़ी भ्रामक खबरों, छेड़छाड़ किए गए वीडियो, डीपफेक और अफवाहों का तत्काल आधिकारिक खंडन फैक्ट-चेक के माध्यम से जारी करने पर भी जोर दिया।

प्रेसिडेंट पुलिस कलर सेरेमनी की तैयारियों की समीक्षा

राष्ट्रपति द्वारा उत्तराखंड पुलिस को प्रदान किए गए विशिष्ट प्रतीक चिह्न ‘प्रेसिडेंट पुलिस कलर’ सेरेमनी की तैयारियों के दृष्टिगत भी आवश्यक निर्देश दिए गए। डीजीपी ने आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने को कहा।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में महानिदेशक अभिसूचना/सुरक्षा अभिनव कुमार, आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे, आईजी कार्मिक सुनील कुमार मीणा, आईजी पीएंडएम/मुख्यालय बरिंदरजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक अभिसूचना मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक सुरक्षा/एटीएस सरिता डोभाल, अपर पुलिस अधीक्षक क्राइम लोकजीत सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक अभिसूचना/सुरक्षा अंकुश मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक सुरक्षा जी.डी. जोशी, पुलिस उपाधीक्षक अभिसूचना मनोज के.एस. असवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी जनपदों के प्रभारी अभिसूचना ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।

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