स्वस्थ जीवनशैली एवं उच्च स्तरीय खेल प्रदर्शन के लिए पौष्टिक आहार जरूरी
Meerut News: मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय, मेरठ (उत्तर प्रदेश) द्वारा विद्यार्थियों, प्रशिक्षकों, संकाय सदस्यों एवं खेल पेशेवरों के बीच खिलाड़ियों के प्रदर्शन और समग्र स्वास्थ्य में पोषण की महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से “खिलाड़ियों की पोषण संबंधी आवश्यकताएं” विषय पर एक ज्ञानवर्धक अतिथि व्याख्यान का आयोजन कैलाश प्रकाश स्टेडियम, मेरठ में किया गया।
शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योगदान पर प्रकाश डाला
कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथि का पौधा भेंट कर स्वागत करने के साथ हुआ, जो पर्यावरण संरक्षण एवं सम्मान का प्रतीक है। इसके पश्चात छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. पूनम भंडारी ने मुख्य वक्ता डॉ. निरुपमा सिंह, अध्यक्ष, स्तुति चैरिटेबल सोसाइटी, लखनऊ एवं डायटीशियन, एसजीपीजीआई, लखनऊ का औपचारिक परिचय देते हुए खेल पोषण के क्षेत्र में उनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योगदान पर प्रकाश डाला।
संतुलित एवं वैज्ञानिक आहार लेना चाहिए
मुख्य व्याख्याता डॉ. निरुपमा सिंह द्वारा अपने उद्बोधन में खिलाड़ियों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को अपने खेल, आयु, प्रशिक्षण की तीव्रता, प्रतियोगिताओं तथा शारीरिक आवश्यकताओं के अनुसार संतुलित एवं वैज्ञानिक आहार लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक खेल की ऊर्जा आवश्यकताएं अलग होती हैं, इसलिए खिलाड़ियों के लिए व्यक्तिगत पोषण योजना (Personalized Nutrition Plan) अत्यंत आवश्यक है।
सही भोजन लेने से खिलाड़ियों की सहनशक्ति में वृद्धि
उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली एवं उच्च स्तरीय खेल प्रदर्शन के लिए पौष्टिक आहार, पर्याप्त प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स, हाइड्रेशन तथा रिकवरी डाइट के महत्व पर अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं के माध्यम से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने यह भी बताया कि सही समय पर सही भोजन लेने से खिलाड़ियों की सहनशक्ति, एकाग्रता, मांसपेशियों की मजबूती तथा प्रदर्शन क्षमता में वृद्धि होती है।
डॉ.निरुपमा सिंह ने अपने व्याख्यान में यह भी बताया कि खिलाड़ियों के लिए संतुलित आहार के साथ-साथ पर्याप्त नींद एवं उचित विश्राम भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अच्छी नींद शरीर की रिकवरी, मानसिक एकाग्रता, ऊर्जा स्तर तथा खेल प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने खिलाड़ियों को नियमित दिनचर्या अपनाने, पर्याप्त जल सेवन करने तथा स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों और खिलाड़ियों ने लिया भाग
कार्यक्रम में 5 वर्ष से 20 वर्ष आयु वर्ग तक के विद्यार्थियों एवं खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने खेल पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएँ व्यक्त कीं, जिनका डॉ. सिंह ने वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण से समाधान किया।
डॉ. निरुपमा सिंह ने विशेष रूप से “ग्रासरूट स्तर” पर पोषण जागरूकता विकसित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यदि बचपन एवं प्रारंभिक प्रशिक्षण स्तर से ही खिलाड़ियों को उचित पोषण एवं स्वस्थ जीवनशैली की जानकारी दी जाए, तो भविष्य में उत्कृष्ट खिलाड़ी एवं स्वस्थ नागरिक तैयार किए जा सकते हैं।
वैज्ञानिक पोषण किसी भी खिलाड़ी की सफलता का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आधार
अपने संबोधन में कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने कहा कि वैज्ञानिक पोषण किसी भी खिलाड़ी की सफलता का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक खिलाड़ी को अपने खेल, प्रशिक्षण की तीव्रता, आयु एवं प्रतियोगिता कार्यक्रम के अनुसार अपनी पोषण संबंधी आवश्यकताओं को समझना चाहिए, तभी वह सर्वोत्तम प्रदर्शन कर सकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के साथ अपना बहुमूल्य ज्ञान साझा करने के लिए मुख्य वक्ता का भी आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में जिला क्रीड़ा अधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने मुख्य वक्ता, कुलपति, संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों तथा सभी प्रतिभागियों का कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु हार्दिक आभार व्यक्त किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
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