दिशा सालियान मौत मामले में बॉम्बे HC का बड़ा आदेश, होगी CBI जांच

Sep 2, 2026 - 18:30
 155  1.4k
दिशा सालियान मौत मामले में बॉम्बे HC का बड़ा आदेश, होगी CBI जांच

वकील नीलेश ओझा ने पहले आरोप लगाया था कि इसमें प्रभावशाली आरोपी और कुछ सीनियर पुलिस अधिकारी भी शामिल थे.

मुंबई (महाराष्ट्र): दिशा सालियन मौत मामले में आज बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने जांच एजेंसी सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को एफआईआर (FIR) दर्ज करने और मामले की गहन जांच करने के आदेश दिए हैं. बता दें, 8 जून 2020 को दिशा सालियान, मुंबई के बांद्रा में अपने फ्लैट में एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के मृत पाए जाने से कुछ दिन पहले मृत पाई गई थीं.

उनके पिता और याचिकाकर्ता सतीश सालियन का पक्ष रख रहे वकील नीलेश ओझा ने भरोसा जताया कि इस मामले में न्याय होगा. वकील निलेश ओझा का कहना है कि कोर्ट ने CBI को सतीश सालियन का बयान दर्ज करने, FIR दर्ज करने और जांच के लिए एक सीनियर अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है. साथ ही, मालवानी पुलिस स्टेशन को सभी रिकॉर्ड CBI को सौंपने का आदेश दिया गया है.

इसके अलावा, जिसके खिलाफ भी सबूत मिलेंगे, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. अगर किसी के खिलाफ सबूत नहीं होंगे, तो उसे आरोपी नहीं बनाया जाएगा. साथ ही, अगर CBI कोई नेगेटिव रिपोर्ट देती है, तो हमें आपत्ति जताने और प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल करने का अधिकार है. कोर्ट ने अपने आदेश में यह साफ तौर पर कहा है. मैं कोर्ट का धन्यवाद करता हूं.

ओझा ने पहले आरोप लगाया था, ‘बात साफ थी, इसमें प्रभावशाली आरोपी शामिल थे और कुछ सीनियर पुलिस अधिकारी भी शामिल थे. हमने इसके सबूत भी दिए हैं. इन सभी बातों का हालात पर असर पड़ रहा था. सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस, गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस और संविधान पीठ के निर्देश थे; FIR दर्ज करना जरूरी था, फिर भी उन्होंने ऐसा नहीं किया’.

उन्होंने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गड़बड़ियों का भी आरोप लगाया. पहली नजर में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट फर्जी लगती है क्योंकि चेहरा पूरी तरह से ठीक-ठाक था–होंठ और नाक सही-सलामत थे. वह 14वीं मंजिल से मुंह के बल गिरती है और उसे कुछ नहीं होता? सिर्फ एक या दो अंदरूनी दांत टूटे हुए दिखाए गए हैं, इसलिए कोर्ट ने कहा कि यह सही नहीं है, और उन्होंने उनके कई झूठे रिकॉर्ड पकड़ लिए.

इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान, जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की डिवीजन बेंच ने इस बात पर चिंता जताई कि परिवार के हत्या के आरोपों के बावजूद, केवल ‘एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट’ (ADR) दर्ज की गई, न कि FIR. कोर्ट ने यह भी गौर किया कि दिशा सालियान की मौत के पांच साल बाद भी उनके परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और ADR की कॉपी नहीं दी गई थी.

The post दिशा सालियान मौत मामले में बॉम्बे HC का बड़ा आदेश, होगी CBI जांच appeared first on Uttarakhand Tak.

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0