भारत के अंतरराष्ट्रीय सैन्य संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है उत्तराखंड

Oct 10, 2026 - 09:30
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भारत के अंतरराष्ट्रीय सैन्य संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है उत्तराखंड

देहरादून: उत्तराखंड की धरती पर समय-समय पर कई बड़े अंतरराष्ट्रीय संयुक्त सैन्य अभ्यास आयोजित होते रहे हैं। पहाड़ी और दुर्गम इलाकों के कारण भारतीय सेना के पास यहाँ बेहतरीन ट्रेनिंग नोड्स हैं, जहाँ दुनिया भर की सेनाएँ अभ्यास करने आती हैं। उत्तराखंड में मुख्य रूप से तीन जगहों पर ये अभ्यास होते हैं: चौबटिया (अल्मोड़ा/रानीखेत), पिथौरागढ़ और औली (चमोली)।

5 से 18 अक्टूबर तक उत्तराखंड की धरती पर भारत और खाड़ी देश संयुक्त अरब अमीरात के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ” एक्सरसाइज माउंटेन गार्डियन” संचालित किया जा रहा है। दोनों देश जिन सैन्य अनुभवों, सैन्य कौशल को साझा कर रहे हैं उसकी साक्षी बनी है उत्तराखंड की चौबटिया । इस संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान, सैनिक जॉइंट प्लानिंग, टैक्टिकल ड्रिल, फायरिंग प्रैक्टिस, सर्विलांस, ड्रोन ऑपरेशन, फिजिकल एंड्योरेंस ट्रेनिंग, रॉक क्लाइंबिंग, ऑब्सटेकल ट्रेनिंग और इंटीग्रेटेड फील्ड एक्सरसाइज कर रहे हैं।

एक्सरसाइज माउंटेन गार्डियन 2026 दोनों सेनाओं को प्रोफेशनल अनुभव शेयर करने, टैक्टिकल स्किल बढ़ाने और ऑपरेशनल प्रोसीजर में बेस्ट प्रैक्टिस शेयर करने का मौका देगी। इससे भारत और UAE के बीच मिलिट्री कोऑपरेशन और मजबूत होगा, और दोनों देशों के बीच दोस्ती और भरोसे के रिश्ते और मजबूत होंगे।

इंडियन आर्मी की भैरव बटालियन के सैनिक हैं शामिल :

एक्सरसाइज माउंटेन गार्डियन’ में दोनों सेनाओं के बराबर रिप्रेजेंटेशन के साथ कुल 92 लोग हिस्सा ले रहे हैं। डिफेंस मिनिस्ट्री ने बताया है कि इंडियन आर्मी की टुकड़ी में भैरव बटालियन के सैनिक शामिल हैं, जबकि UAE आर्मी की टुकड़ी में माउंटेन इन्फेंट्री बटालियन के सैनिक शामिल हैं।

युद्ध अभ्यास (Yudh Abhyas) की बात करें तो ये भारत और अमेरिका के बीच औली (चमोली)में होता है। इसमें विशेष ध्यान पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियान (Counter-Terrorism), जंगल वॉरफेयर और आधुनिक ड्रोन टेक्नोलॉजी का समन्वय पर रहता है।

सूर्य किरण (Surya Kiran) संयुक्त सैन्य अभ्यास भारत और नेपाल के बीच होता आया है। यह पिथौरागढ़ में सम्पन्न होता आया है और इसमें दोनों देशों की सेनाओं के बीच जंगल वॉरफेयर, पहाड़ी इलाकों में उग्रवाद विरोधी अभियान और आपदा प्रबंधन (Disaster Relief) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाता है।

दस्तलिक ( भारत और उज्बेकिस्तान के बीच आयोजित होने वाला एक संयुक्त सैन्य अभ्यास है। उत्तराखंड के चौबटिया (रानीखेत) में इस अभ्यास का दूसरा संस्करण 10 मार्च से 19 मार्च, 2021 तक आयोजित किया गया था। चौबटिया में आयोजित इस दूसरे संस्करण में भारतीय सेना की तरफ से 13 कुमाऊं रेजिमेंट (जिसे रेजांग ला बटालियन भी कहा जाता है) ने भाग लिया था।

इसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत पर्वतीय, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी (Counter-Terrorism) और उग्रवाद-रोधी अभियानों के लिए दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और तकनीकी कौशल को बढ़ाना था।

धर्म गार्डियन जो भारत और जापान के बीच होता है, चौबटिया में आयोजित किया जा चुका है। भारत और जापान की थल सेनाओं के बीच ‘धर्म गार्डियन 2026’ का 7वां संस्करण फरवरी-मार्च 2026 में चौबटिया में आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य जटिल परिचालन वातावरण में सामरिक अंतर-संचालनीयता और आतंकवाद-विरोधी क्षमताओं को मजबूत करना था।

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