राज्यों में सुशासन और विकास को नई गति: जनकल्याण, निवेश एवं प्रशासनिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

Aug 5, 2026 - 09:30
 161  2.2k
राज्यों में सुशासन और विकास को नई गति: जनकल्याण, निवेश एवं प्रशासनिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

नई दिल्ली। देश के विभिन्न राज्यों द्वारा 16 जुलाई से 31 जुलाई 2026 के बीच प्रशासनिक सुधार, निवेश प्रोत्साहन, सामाजिक सुरक्षा, डिजिटल सुशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। ये पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत, सहकारी संघवाद, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और जनभागीदारी आधारित सुशासन की अवधारणा को राज्यों में और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रस्तुत रिपोर्ट में विभिन्न राज्यों द्वारा लागू की गई प्रमुख नीतियों एवं योजनाओं का संक्षिप्त विवरण दिया गया है।

महाराष्ट्र सरकार ने शहरी विकास को नई गति देने के उद्देश्य से ₹44,800 करोड़ के ‘अर्बन चैलेंज फंड’ की स्थापना को मंजूरी दी है। यह फंड छोटे एवं मध्यम शहरों में आधुनिक आधारभूत संरचना, डिजिटल गवर्नेंस, स्वच्छता, जल प्रबंधन तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा देगा। साथ ही राज्य ने बायोप्लास्टिक नीति-2026 को मंजूरी देकर हरित औद्योगिक विकास तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी अस्पतालों में फाइव स्टार रेटिंग प्रणाली भी लागू करने का निर्णय लिया है।

दिल्ली सरकार ने पुराने प्रदूषणकारी वाणिज्यिक वाहनों के स्थान पर आधुनिक एवं स्वच्छ वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ‘परिवर्तन’ (PARIVARTAN) कार्यक्रम शुरू किया है। इसके साथ ही स्टार्टअप एवं इन्क्यूबेशन नीति-2026 के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों तथा नवाचार आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। समयबद्ध एवं सरल नागरिक सेवाओं के लिए भी नई व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।

मध्य प्रदेश विधान सभा द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 पारित किया गया है। इसका उद्देश्य विवाह, उत्तराधिकार एवं पारिवारिक विषयों से जुड़े प्रावधानों में समानता तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। वहीं ग्वालियर में देश का पहला समर्पित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समझौता हुआ है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

बिहार सरकार ने जुआ (प्रतिषेध) विधेयक-2026 तथा अपराध नियंत्रण संबंधी संशोधनों के माध्यम से कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के चयन संबंधी नई पारदर्शी व्यवस्था लागू करने तथा ग्राम पंचायतों की वित्तीय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नए नियम भी स्वीकृत किए गए हैं।

गुजरात सरकार ने ‘समरस विद्या सेतु महाअभियान’ प्रारंभ कर विद्यालय छोड़ चुके 80 हजार से अधिक बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वहीं राज्य की शिपबिल्डिंग एवं रिपेयर नीति समुद्री अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगी।

तेलंगाना में इंदिरम्मा इंदलु शहरी आवास योजना के तहत निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए बड़े पैमाने पर आवास निर्माण की शुरुआत की गई है। उत्तर प्रदेश ने छात्राओं के उच्च शिक्षा में प्रोत्साहन हेतु रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के क्रियान्वयन के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश तथा केरल ने भी स्वास्थ्य, परिवहन, डिजिटल सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है।

औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में ओडिशा ने ₹4,573 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी देकर रोजगार सृजन एवं औद्योगिक विकास को नई गति दी है। वहीं महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से महिला-नेतृत्व वाले औद्योगिक निवेश को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

समग्र रूप से देखें तो राज्यों द्वारा लिए गए ये निर्णय सुशासन, डिजिटल परिवर्तन, निवेश आकर्षण, सामाजिक समावेशन, गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवाओं और सतत विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। केंद्र और राज्यों के बीच समन्वित प्रयासों से विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में ऐसे सुधारात्मक कदम देश की विकास यात्रा को और अधिक गति प्रदान करेंगे। यह रिपोर्ट इस अवधि के दौरान राज्यों में हुए प्रमुख नीति एवं प्रशासनिक निर्णयों का समेकित चित्र प्रस्तुत करती है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0