सचिवालय संघ चुनाव में महासचिव पद पर प्रत्याशी रहे विमल जोशी ने जताया आभार, बोले – चुनाव परिणाम से बढ़कर सदस्यों का विश्वास और स्नेह
- आपका प्रेम, समर्थन और आशीर्वाद रहेगा जीवनभर याद – विमल जोशी
देहरादून : सचिवालय संघ चुनाव में महासचिव पद के प्रत्याशी रहे विमल जोशी ने सचिवालय संघ चुनाव में मिले समर्थन और सहयोग के लिए सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जिस प्रकार सदस्यों ने उन्हें प्रेम, विश्वास और आशीर्वाद दिया, उसके लिए वे सदैव सभी के ऋणी रहेंगे।
विमल जोशी ने कहा कि सचिवालय संघ के सभी सदस्यों ने उम्मीद से बढ़कर सहयोग दिया, जिसने उन्हें निरंतर ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान की। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम चाहे जो भी रहा हों, लेकिन सदस्यों का स्नेह और विश्वास उनके लिए सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में भी सचिवालय कर्मचारियों की समस्याओं और हितों के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करते रहेंगे तथा सभी सदस्यों की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कर्मचारियों ने उम्मीद से बढ़कर सहयोग दिया, उससे यह स्पष्ट है कि कर्मचारी वर्ग अपने अधिकारों, समस्याओं और भविष्य को लेकर सजग है।
गौरतलब है कि विमल जोशी वर्ष 2021 से 2023 तक सचिवालय संघ में महासचिव पद का दायित्व निभा चुके हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और कई मुद्दों के समाधान के लिए प्रभावी पहल की थी। कर्मचारियों के बीच उनकी सक्रियता और सहज कार्यशैली को लेकर उन्हें विशेष पहचान मिली थी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
Related Posts
राजस्व कॉलोनी की बदलेगी तस्वीर, डीएम स्वाति भदौरिया ने ...
Asarkari Reporter Sep 22, 2026 134 501.8k
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में पहुंची दुनिया की सब...
Asarkari Reporter Sep 24, 2026 157 424.2k
स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद : परंपरा से प्रमाण तक, उप...
Asarkari Reporter Sep 23, 2026 155 451.4k
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में परिणाम आधारित शिक्ष...
Asarkari Reporter Sep 27, 2026 163 279.3k
-
Smita KhannaAre there international examples we can learn from?4 months agoReplyLike (162) -
Aadhira GargThis development opens up new avenues for exploration.4 months agoReplyLike (141) -
Aditi IyerKya hum is baare mein aur jaan sakte hain?4 months agoReplyLike (160) -
Urmi SenLet's engage in a constructive dialogue about this.4 months agoReplyLike (184) -
Ankita BhardwajKya hum iss par kuch kar sakte hain?4 months agoReplyLike (179) -
Divya JoshiPuri prakriya (process) ki spashtata bahut zaroori hai.4 months agoReplyLike (147)