धर्म स्वातंत्र्य कानून 2026 के कड़े प्रावधानों को चुनौती, मसीही समाज ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया; रद्द करने की मांग

Apr 18, 2026 - 18:30
 145  9.6k
धर्म स्वातंत्र्य कानून 2026 के कड़े प्रावधानों को चुनौती, मसीही समाज ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया; रद्द करने की मांग

नई दिल्ली: धर्म स्वातंत्र्य कानून 2026 को लेकर बड़ा कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। मसीही समाज ने इस कानून के कड़े प्रावधानों को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में कानून को असंवैधानिक बताते हुए इसे पूरी तरह रद्द करने की मांग की गई है।

अवैध मतांतरण पर आजीवन कारावास का प्रावधान विवाद के केंद्र में
नए धर्म स्वातंत्र्य कानून 2026 में अवैध मतांतरण के मामलों में 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा आर्थिक प्रलोभन, दबाव या छल के जरिए धर्म परिवर्तन कराने को अपराध की श्रेणी में रखा गया है। संगठित या बड़े स्तर पर मतांतरण कराने पर और भी सख्त दंड का प्रावधान किया गया है।

मसीही समाज ने उठाए संवैधानिक सवाल
याचिकाकर्ता क्रिस्टोफर पाल ने कानून को चुनौती देते हुए कहा है कि यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत मिले धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है। उनका कहना है कि कानून की परिभाषाएं स्पष्ट नहीं हैं, जिससे इसके दुरुपयोग और मनमानी कार्रवाई की आशंका बढ़ जाती है।

निजता और आस्था के अधिकार में हस्तक्षेप का आरोप
याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि यह कानून नागरिकों की व्यक्तिगत आस्था और निजता के अधिकार में हस्तक्षेप करता है। आरोप है कि अस्पष्ट प्रावधानों के चलते इसका उपयोग किसी भी समुदाय या व्यक्ति के खिलाफ टारगेटेड कार्रवाई के लिए किया जा सकता है।

सरकार का पक्ष: गैर-कानूनी मतांतरण पर रोक का उद्देश्य
वहीं राज्य सरकार का कहना है कि यह कानून किसी के धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के लिए नहीं, बल्कि जबरन, धोखे या गैर-कानूनी तरीकों से होने वाले मतांतरण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लाया गया है।

कानूनी लड़ाई तेज होने के आसार
इस याचिका के बाद अब मामला न्यायालय में विचाराधीन है और आने वाले समय में इस पर विस्तृत सुनवाई होने की संभावना है। इसे लेकर सामाजिक और कानूनी बहस और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।


What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0