शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद ममता गुट की नंदीग्राम उम्मीदवार ने नामांकन वापस लिया, उपचुनाव से पहले बड़ा सियासी घटनाक्रम

Sep 18, 2026 - 18:30
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शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद ममता गुट की नंदीग्राम उम्मीदवार ने नामांकन वापस लिया, उपचुनाव से पहले बड़ा सियासी घटनाक्रम

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के कुछ घंटे बाद यह फैसला लिया। नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।

शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद लिया फैसला

संचिता प्रधान डे ममता बनर्जी गुट की ओर से नंदीग्राम सीट पर उम्मीदवार थीं। शुक्रवार को उन्होंने शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की और इसके बाद अपना नामांकन वापस ले लिया। नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 19 सितंबर है। उनके इस फैसले के बाद ममता गुट नंदीग्राम में अपने उम्मीदवार के बिना रह गया है।

हालांकि, संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस लेने की वजह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की है। शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात और उसके तुरंत बाद नामांकन वापस लिए जाने को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

चुनाव आयोग ने दोनों टीएमसी गुटों को दिए अलग नाम और चुनाव चिह्न

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब चुनाव आयोग ने टीएमसी के दोनों गुटों के लिए अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और फुटबॉल खिलाड़ी वाला चुनाव चिह्न दिया गया है। दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और लिफाफा चुनाव चिह्न मिला है।

ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी पर लगाए आरोप

संचिता के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और एसआईआर को लेकर बीजेपी पर कई आरोप लगाए। ममता बनर्जी ने दावा किया कि एसआईआर के जरिए बड़ी संख्या में नाम मतदाता सूची से हटाए गए और इस प्रक्रिया में एआई के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। उन्होंने इसे लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन बताया।

ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी और एनसीपी से जुड़े घटनाक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामलों और कथित हिंसा को लेकर भी आरोप लगाए। ये सभी दावे ममता बनर्जी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किए।

नंदीग्राम क्यों है अहम?

नंदीग्राम का नाम पश्चिम बंगाल की राजनीति में खास महत्व रखता है। 2021 के विधानसभा चुनाव में इसी सीट से ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच मुकाबला हुआ था। उस चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था। बाद में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ दी, जिसके चलते यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। 6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को निर्धारित है।

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