मध्यप्रदेश में 23,288 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी, 18 नवंबर को गांधी सागर में होगी अगली कैबिनेट बैठक
भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक में 23,288 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की निरंतरता को स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट मंत्री चेतन कश्यप ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि धान उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 4 नवंबर कर दी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दौरान स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के अनुरूप लोगों को खरीदारी करते समय अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
प्रदेश में विकसित किए जाएंगे 15 नए सैटेलाइट टाउन
मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में 15 नए सैटेलाइट टाउन विकसित करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित शहरी विकास कार्यक्रम के दौरान भी इस योजना का उल्लेख किया था।
सरकार का उद्देश्य बड़े शहरों पर बढ़ते आबादी और बुनियादी सुविधाओं के दबाव को कम करना है। इसके लिए शहरों के आसपास के क्षेत्रों में बेहतर शहरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि लोगों को आवास और अन्य जरूरी सुविधाएं मिल सकें।
स्वामित्व योजना के तहत 15 लाख रजिस्ट्रियां पूरी
प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को उनकी संपत्तियों की रजिस्ट्री निशुल्क कराई जा रही है। अब तक प्रदेश में करीब 15 लाख रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं। सरकार ने 15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियां पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस योजना से करीब 60 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि जिन गांवों में 100 प्रतिशत संपत्ति रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं, वहां धनतेरस के अवसर पर दीपावली मनाई जाए।
18 नवंबर को गांधी सागर में होगी डेस्टिनेशन कैबिनेट
मध्यप्रदेश की अगली कैबिनेट बैठक 18 नवंबर को गांधी सागर में प्रस्तावित है। इसे डेस्टिनेशन कैबिनेट के रूप में आयोजित किया जाएगा। बैठक में किसान कल्याण वर्ष और उद्योग वर्ष को ध्यान में रखते हुए कृषि तथा औद्योगिक विकास से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नीलगाय और हिरणों को सुरक्षित स्थानों पर किया जा रहा शिफ्ट
किसानों की फसलों को नीलगाय और हिरणों से होने वाले नुकसान को देखते हुए सरकार ने इन वन्यजीवों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। मंत्री चेतन कश्यप के मुताबिक, बोमा पद्धति के जरिए अब तक करीब 2 हजार नीलगाय और हिरणों को शिफ्ट किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि इस पद्धति के इस्तेमाल के लिए अफ्रीका के विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया है। सरकार का प्रयास है कि वन्यजीवों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान को भी कम किया जा सके।
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